गोपालगंज जाने के लिए निकले तेजस्वी को पुलिस ने रोका, 3 घंटे सड़क पर रहे, विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर की विशेष सत्र बुलाने की मांग

पटना. गोपालगंज ट्रिपल मर्डर केस में राजनीति तेज हो गई है। राबड़ी देवी के आवास के बाहर तीन घंटे से हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है। शुक्रवार सुबह 10:05 बजे राजद विधायकों के साथ तेजस्वी यादव गोपालगंज जाने के लिए घर से निकले तो उनकी कार के सामने पुलिस ऑफिसर खड़े हो गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने तेजस्वी को गोपालगंज जाने नहीं दिया।

गोपालगंज जाने से रोके जाने पर तेजस्वी ने पूरे काफिले के साथ विधानसभा जाने की बात की। मौके पर तैनात प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष से मिलने की अनुमति मांगी गई। चार लोगों और दो कार को आने देने की अनुमति मिली। इसके बाद तेजस्वी यादव, जगदानंद सिंह, तेज प्रताप यादव और आलोक मेहता उनसे मिलने पहुंचे।

मारपीट करने नहीं जा रहे थे जो पुलिस ने हमें रोका

विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी से मिलने के बाद तेजस्वी ने कहा कि हमने विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। सदन में हम बिहार में बढ़ रहे अपराध की घटनाओं पर चर्चा करना चाहते हैं। सरकार इसपर जवाब दे। हम गोपालगंज मारपीट करने नहीं जा रहे थे। हम तो पीड़ित परिवार को सांत्वना देने जा रहे थे। हम अपराधी नहीं हैं जो हमें रोका गया। अच्छा होता कि अपराधियों को गिरफ्तार किया जाता। गोपालगंज ही नहीं पूरे बिहार में जितने भी अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं उनपर कार्रवाई होती तो ज्यादा बेहतर होता।

प्रवासी मजदूरों को लाने में लापरवाही की गई। बदइंतजामी हुई। उनके साथ दूसरे दर्जे के नागरिक जैसा बर्ताव किया गया, क्योंकि वे गरीब हैं। न खाने को मिल रहा है और न सरकार उनको आने के लिए साधन दे रही है। क्वारैंटाइन सेंटर में सुविधाएं नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग चरमरा गया है। प्रधान सचिव का तबादला हो गया। लड़ाई के बीच में कमांडर को बदल दिया। हम इन सभी विषयों पर सदन में चर्चा करना चाहते हैं।

दरअसल, तेजस्वी यादव ने गोपालगंज हत्याकांड में जदयू विधायक की गिरफ्तारी न होने पर गोपालगंज जाने की बात कही थी। तेजस्वी ने पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते प्रशासन ने तेजस्वी को गोपालगंज जाने की इजाजत नहीं दी थी।

क्या है गोपालगंज ट्रिपल मर्डर मामला?
24 मई को गोपालगंज जिले के हथुआ थाना क्षेत्र के रूपनचक गांव में जेपी यादव, उनके पिता महेश चौधरी, मां संकेसिया देवी और भाई शांतनु यादव पर बाइक सवार चार अपराधियों ने फायरिंग की थी। महेश और उनकी पत्नी संकेसिया देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी। जेपी यादव और शांतनु गंभीर रूप से घायल थे। गोरखपुर में इलाज के दौरान शांतनु की मौत हो गई। जेपी यादव का इलाज पटना में चल रहा है।

इस मामले में जेपी यादव के बयान पर कुचायकोट के जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय, उनके भतीजे जिला परिषद अध्यक्ष मुकेश पांडेय, भाई सतीश पांडेय व एक अज्ञात के खिलाफ हथुआ थाने में केस दर्ज किया गया। सोमवार को पुलिस ने विधायक के नयागांव तुलसिया स्थित आवास पर छापेमारी कर मुकेश पांडेय और उसके पिता सतीश पांडेय को गिरफ्तार कर लिया।

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