जहानाबाद में लॉकडाउन की मार से अब तक उबर नहीं पाये मिठाई कारोबारी

लॉकडाउन के कारण बाजार की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। जिसके कारण व्यावसायिक वर्ग में घोर निराशा के साथ ही हताशा का माहौल व्याप्त हो गया है। इसी में शामिल है मिठाई कारोबार भी जो लॉकडाउन की मार से अभी तक उबर नहीं पाएं हैं । हालांकि अनलॉक-1 में मिठाई की दुकाने भी खुल गई है, लेकिन ग्राहक काफी कम पहुंच रहे हैं। परिणामस्वरूप दुकानों में पहले की तरह कारीगरों की ज्यादा जरूरत नहीं रह गई है। कारोबार से जुड़े दुकानदार, कारीगर व मिठाई परोसने वाले मजदूर बेरोजगार हो गये हैं और उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है। लॉकडाउन के बाद भी बना हुआ संक्रमण का खतरा मिठाई बाजार में रौनक नहीं आने का मुख्य कारण लोगों में संक्रमण का डर है।लोग खाने-पीने के सामानों की खरीददारी में ज्यादा सतर्कता बरत रहे हैं । कारोबारी बताते हैं की अचानक लॉकडाउन संचालित हो जाने के पहले से बने मिठाइओं को फेंकना पडा।हम लोगो को उम्मीद थी की लॉकडाउन के बाद कारोबार अच्छा चलेगा लेकर घोर मंदी की स्थिति है। शहरी और आस-पास के क्षेत्रों में छोटे-बड़े 100 से अधिक मिठाई की दुकानें संचालित है। इसी तरह जिले भर में लगभग 500 से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। लेकिन लॉकडाउन के कारण यह कारोबार बुरी तरह से ठप हो गया है । दूधवालों की बढ़ी परेशानी मिठाई के कारोबार से सीधा संबंध दूध व्यवसाय से है। दूध की अच्छी खपत इन दुकानों में होती है । लेकिन इधर ग्राहकों की कम संख्या को देखते हुए मिठाई दुकानदार काफी कम दूध खरीद रहे हैं । परिणामस्वरूप पशुपालकों के सामने दूध को खपाने की भी समस्या उत्पन्न हो गई है।

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