राजाबाजार, खैरा-गोपालपुर व रतनी के महादेव बिगहा की एक-एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव

जहानाबाद. कोरोना का कहर जिले में थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां जिले के लगभग नब्बे प्रतिशत संक्रमित लोग कोरोना को हराकर अपने घरों को लौट चुके हैं तो इधर कोरोना भी सीधे-सीधे हार मानने को तैयार नहीं है। गुरुवार को भी जिले में तीन नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इस प्रकार जिले में अब तक आए पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 207 तक पहुंच गई है। पॉजिटिव हुए लोगों में से 186 ठीक होकर घर जा चुके हैं।

गुरुवार को मिले संक्रमितों में शहर के घनी आबादी वाला मुहल्ला राजाबाजार की एक तीस वर्षीय महिला के अलावा सदर प्रखंड के ही खैरा-गाेपालपुर की अठारह वर्षीय युवती के अलावा रतनी प्रखंड के महादेव बिगहा की दिल्ली से पिछले दिनों अपने घर आई पैंतालिस वर्षीय प्रवासी महिला शामिल है। सभी को रिपोर्ट आने के बाद आइसोलेशन में भेजा गया है।

रतनी प्रखंड क्षेत्र के महादेव बिगहा गांव में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गया है। कुछ दिनों पूर्व दिल्ली से वापस आई यह महिला होम कोरोनटाइन में रह रही थी। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रंजीत कुमार ने बताया कि महादेव बिगहा गांव के संक्रमित महिला के पूरे परिवार का सैंपल लेकर जांच के लिए जहानाबाद भेजा गया है।

पॉजिटिव मरीज के आने से युवती संक्रमित
इधर गोपालपुर की युवती के परिवार के बाहर से आए एक सदस्य पहले से ही कोरोना के पॉजिटिव है। उसी के चेन से इस युवती को संक्रमण लगा है। राजाबाजार में भी पॉजिटिव मिली तीस वर्षीय महिला के परिवार में दूसरे प्रदेश से एक व्यक्ति हाल ही में वापस आया था। सभी संबंधित नए मरीजों के परिवार वालों के सैंपल लेकर जांच को भेजे जाएंगे। आबादी वाले इलाकों में रह रहे पॉजिटिव मरीजों के सामने आने से संबंधित इलाकों में लोगों में भय का माहौल कायम हो गया है।
संक्रमितों के मिलने से दहशतजदा हैं लोग

जिले के विभिन्न प्रखंडों में आबादी के बीच रह रहे आठ मरीजों को दो दिन पूर्व पॉजिटिव पाए जाने से संबंधित गांवों के लोगों में कोरोना संक्रमण को लेकर भय का माहौल कायम हो गया है। हालांकि प्रशासन ने संबंधित मरीजों के घरों को सील कर परिवार के सदस्यों को बाहर निकलने पर रोक लगा दी है लेकिन पहले से उनके संपर्क में आने की वजह से संबंधित लोगों में अपनी स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा गांव में सैनिटाइजेशन के काम में ढिलई व जांच में शिथिलता से भी लोगों में नाराजगी कायम है। दरअसल क्वारंटाइन सेंटरों के बंद होने के बाद सीधे बाहर से आकर गांव व घरों में जाकर रह रहे प्रवासियों को संक्रमित मिलने के बाद पहली बार लोगों में संक्रमण के विस्तार को लेकर भारी चिंता व्याप्त हो गया है।

चिह्नित महानगरों से आ रहे लोगों पर प्रशासन की नजर, निरंतर की जा रही निगरानी व स्वास्थ्य जांच 
इधर जिलाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि क्वारंटाइन सेंटरों के बंद हो जाने के बावजूद प्रशासन की बाहर से आने वाले लोगों पर पैनी नजर टिकी है। उन्होने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए संबंधित पीएचसी पर स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है। बाहरी लोगों के आने की सूचना देने के लिए संबंधित इलाकों के मुखिया व वार्ड सदस्यों को भी निर्देशित किया गया है कि बाहर से आने पर वे तुरंत अधिकारियों को सूचना दें तथा संबंधित लोगों की पास के पीएचसी में जांच सुनिश्चित कराएं।

डीएम ने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों की स्वास्थ्य जांच का काम निरंतर चल रहा है। संदिग्ध लक्षण वाले लोगों के सैंपल लेकर उनकी कोरोना जांच के लिए सिस्टम के लोग सक्रिय हैं। उन्होने जिलेवासियों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उन्हें अपने हाल पर नहीं छोड़ेगा। संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन हर संभव व जरूरी उपाय कर रहा है। उन्होने लोगों से भी सतर्क रहकर प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। उन्होने कहा कि बेमतलब परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होने लोगों को बाहर निकलने पर हमेशा मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन की हिदायत दी है।

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