जहानाबाद जिले में अगले दस दिनों में जिले में बीस नई निर्माण इकाइयों की होगी स्थापना, दो करोड़ की लागत से स्थापित होगा कुर्सी निर्माण उद्योग,

कोरोना संकट को अवसर में बदलने के  प्रशासनिक प्रयासों को लगातार बल मिल रहा है। डीएम नवीन कुमार के द्वारा यहां कलेक्ट्रेट के सभागार में बुलाए गए उद्यमियों की साप्ताहिक बिजनेस मीट में करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट के साथ लगभग पचास उद्यमी अपनी तैयारियों के साथ उपस्थित हुए। डीएम ने बैठक में पंहुचे उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना के कारण पहले से ही आर्थिक मोर्चे पर पिछड़े इस जिले की स्थिति काफी खराब हो गई है। ऐसे में जिले में इस विपरीत हालात से उबरने का एक मात्र रास्ता यहां उद्योग धंधों का अपेक्षित विकास है।

उन्होंने कहा कि सरकार व जिला प्रशासन इस संकट काल को अवसर में बदलने के लिए पूरी तरह तत्पर है। इसके लिए यहां उद्योग धंधों की स्थापना में आने वाली हर अड़चनों को दूर करने की सभी रणनीतिक तैयारियां पूरी कर ली गई है। व्यवसायिक बैंकों व उद्योग विभाग भी इस काम में अपेक्षित मदद दे रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना व लॉकडाउन की वजह से जिले में काफी संख्या में बाहर रहने वाले श्रमिकों का आगमन हुआ है। इसके अलावा यहां पहले से रह रहे बेरोजगारों व मजदूरों को भी काम दिलाने की कठिन चुनौती है।

समस्याओं के निदान के निदान में करगार साबित होगा विकास
यहां औद्योगिक विकास का बन रहा वातावरण यहां की तमाम समस्याओं के निदान में कारगर समाधान साबित होगा। उन्होंने बताया कि प्रति सप्ताह बैठक कर नए उद्यमियों को उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में रेडिमेट, प्लास्टिक चेयर, पाईप, आटा चक्की, राइस मील, पेवर ब्लाक, अगरबत्ती उद्योग, इलेक्ट्रिकल्स गुडस,वायर, फूड प्रोसेसिंग यूनिट सहित अन्य उद्योग लगाने के लिए दर्जनों लोग आगे आए है, जिन्हें जिला प्रशासन की ओर से हर संभव मदद दिलाने की कोशिश की जा रही है।

रेडिमेड गार्मेंट के लिए जिले में बारह मशीनों को मंगाया जा रहा है

विनायक पोद्दार नामक एक उद्यमी अपने चेयर निर्माण के प्रस्तावित उद्योग के अपने दो करोड़ वाले लागत के प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ बैठक में उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि जिले में चेयर का बड़ा प्रोजेक्ट प्रारंभ करने जा रहे हैं जिसमें लगभग दो करोड़ की लागत आ रही है। पायल कुमार नामक एक उद्यमी ने बताया कि रेडिमेड गार्मेंट के लिए उनके द्वारा बारह मशीनों को मंगाया जा रहा है। एक सप्ताह के अंदर मशीनें स्थल पर आ जाएंगी। सत्येन्द्र कुमार गुप्ता नामक एक उद्यमी ने बताया कि वे आटा मील लगाने हेतु बैंक ऋण चाहते हैं। 60 से 70 लाख का प्रोजेक्ट है। ईंट व्यवसायी उदय कुमार ने बताया कि वे फ्लाई एश व पेवर ब्लाॅक की एक बड़ी यूनिट खोलने की तैयारी में हैं।

अब तक 63 उद्यमियों को बैंकों से स्वीकृत कराया गया लोन 
डीएम ने बताया कि जिले में अब तक 63 नए उद्यमियों को विभिन्न प्रकार के निर्माण इकाइयों के लिए विभिन्न बैंकों से स्वीकृति दिलाई गई है। बीस लोगों ने अपना काम प्रारंभ कर लिया है। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक कल्याण रोजगार योजना के तहत भी पांच लाख तक का ऋण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सुनिश्चित स्वरोजगार योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 35 आवेदन प्राप्त हुए है, जिसमें से 10 आवेदन को महा प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र द्वारा बैंक को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि जिले में मछली उद्योग का भविष्य उज्जवल है, जिन्हें अपना तालाब है, वे आवेदन देकर योजना का लाभ ले सकते हैं।

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