शिक्षक, अभिभावक और सरकार की आपसी सहमति बनने पर ही स्कूलों के खोलने का लिया जाएगा निर्णय

शिक्षामंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने कहा कि कोरोना से उपजे हालात को देखते हुए ही स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान खुलेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए शिक्षक एवं अभिभावकों से उनके विचार लिये जा रहे हैं। इसके बाद शिक्षक, अभिभावक और सरकार के स्तर पर आपसी सहमति बनने के बाद ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। शिक्षामंत्री रविवार को स्थानीय परिसदन में स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों से मिलकर कोरोना से उपजे हालात और इससे निबटने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेने के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कोरोना से पूरा विश्व प्रभावित हुआ है। अब भी बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन, सबसे सुखद पक्ष यह है कि बिहार में संक्रमित मरीज काफी तेजी से ठीक होकर घर लौट रहे हैं। उन्होंने बिहार सरकार की सात निश्चय योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसके माध्यम से हर गांव और टोला में समग्र विकास हो रहा है। लोगों को नल जल योजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल प्राप्त हो रहे हैं। गांव में नली गली निर्माण का कार्य काफी तीव्र गति से हुआ है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार न्याय के साथ विकास की नीति पर कार्य कर रहे हैं।

पूरे बिहार की जनता का नीतीश कुमार के प्रति काफी विश्वास है। आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह पार्टी के कार्यकर्ता हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उन्हें जहां से चुनाव लड़ाना चाहेगा या नहीं लड़ना चाहेगा, यह निर्णय पार्टी नेतृत्व का ही होगा। जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चर्चा के सवाल पर कहा कि उन्होंने कभी भी अपने स्तर से इसकी चर्चा नहीं की है। कौन कार्यकर्ता किस क्षेत्र से चुनाव लड़ेगा, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व के हाथों में होता है। इस मौके पर पार्टी के जिलाध्यक्ष चंदेश्वर बिंद, प्रदेश संगठन प्रभारी जयप्रकाश नारायण चंद्रवंशी, दिलीप कुशवाहा, अमित कुमार पम्मू समेत काफी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद थे।

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