मुख्यमंत्री का आदेश-सिंचाई की सुविधा जांचने के लिए बिहार के हर खेत का होगा सर्वे, हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना लक्ष्य

राज्य में सिंचाई की अधिकतम क्षमता और लक्ष्य का सही आकलन करने के लिए खेतों का प्लॉट वार सर्वेक्षण होगा। रविवार को उत्कृष्ट सिंचाई-उन्नत फसल अभियान और बागमती बाढ़ प्रबंधन योजना फेज-3 बी व 5 का प्रेजेंटेशन देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। इसलिए टीम बनाकर सर्वे कराएं कि किस क्षेत्र में किस तरह की सिंचाई कराई जाए।

साथ ही नदियों को आपस में जोड़ने की संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह पता करने के लिए भी कहा कि किस क्षेत्र में पानी की कितनी उपलब्धता है? किस क्षेत्र में कैसे पानी पहुंचेगा? इसका आकलन करके लक्ष्य प्राप्ति के लिए रणनीति बनाएं। परंपरागत सिंचाई क्षमता को पुनर्जीवित करने के लिए आहर, पईन, पोखर का जीर्णोद्धार जल-जीवन-हरियाली अभियान से कराया जा रहा है। इसमें भी तेजी लाएं।

बांधों की मजबूती के लिए आयरन पायलिंग करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि तटबंधों के निर्माण के दौरान उसकी मजबूती के लिए आयरन सीट पायलिंग का प्रयोग करें। कुशेश्वरस्थान में बाढ़ से सुरक्षा व जलनिकासी के लिए सुदृढ़ीकरण शीघ्र हो जाना चाहिए। इसी तरह शहरी क्षेत्रों के निचले इलाकों में ग्राउंड वाटर हार्वेस्टिंग पर ध्यान दें। इससे जलजमाव से निजात मिल सकेगी और भू-जल स्तर भी मेनटेन रहेगा। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री संजय झा, मुख्य सचिव दीपक कुमार भी मौजूद थे।

सिंचाई के लिए सतही जल का अधिक से अधिक हो उपयोग 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉनसून अवधि में वर्षा जल के अधिक से अधिक संचय और सदुपयोग की योजना बनाएं। सिंचाई कार्य के लिए सतही जल का उपयोग अधिक से अधिक हो सके, इसके लिए भी योजना बनायें। रेन वाटर हार्वेस्टिंग का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य करें।

नीचे मछली-ऊपर बिजली योजना को दें प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि चौर क्षेत्र के एक भाग में जल संचयन के लिए नीचे मछली-ऊपर बिजली के कॉन्सेप्ट पर तेजी से काम करें। उसके दूसरे भाग में फल, सब्जी व अन्य फसलों की खेती कार्य को बढ़ावा दें। इससे दोगुना लाभ होगा। सिंचाई को इच्छुक किसानों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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