अल्पसंख्यक छात्रों को जहानाबाद में मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था कराएगा प्रशासन

रोजगारपरक शिक्षा के लिए अल्पसंख्यक स्टूडेंट्स को मुफ्त में कोचिंग की व्यवस्था कराई जाएगी। जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित ग्राम प्लैक्स भवन में बुधवार को आयोजित रोजगाार सह जागरूकता कार्यशाला में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कार्यशाला में जिले के अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए शिक्षा के क्षेत्र में, सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में तथा रोजगार सृजन के उद्देश्य से चलायी जा रही योजनाओं की विस्तार से जानकारियां दी गईं।

डीएम ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद लोगों को कौशल के अनुसार शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कौशल प्राप्त लोगों की सूची बनाई जा रही है। जिलाधिकारी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए बताया कि अल्पसंख्यक विभाग द्वारा संचालित योजनाएं के तहत जिले प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक, मेरिट-कम-मीन्स के विद्यार्थियों द्वारा को छात्रवृत्ति डीबीटी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत माध्यमिक, इंटरमीडिएट एवं मदरसा बोर्ड से प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण अल्पसंख्यक छात्रों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती है।

अल्पसंख्यक कल्याण बालक छात्रावास में रह रहे स्टूडेंट्स को खाद्यान्न एवं प्रोत्साहन हेतु अनुदान राशि प्रति माह एक हजार रुपए के रूप में उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने पर अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षा के तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। मुख्यमंत्री श्रम शक्ति कौशल विकास योजना के अंतर्गत जिले के अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से रोजगार परक तकनीकी व्यवसाय ट्रेडों में कौशल विकास हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

तलाकशुदा महिलाओं को मिलेगी एकमुश्त सहायता राशि 
डीडीसी मुकुल कुमार गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्य रोजगार ऋण योजना के तहत जिले के अल्पसंख्यक समुदाय के 18 से 50 वर्ष के व्यक्तियों को रोजगार के लिए अधिकतम पांच लाख रुपए तक पांच प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज दर पर बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्त निगम द्वारा ऋण राशि उपलब्ध कराई जा रही है। ऋण की वापसी पांच वर्षों में बीस तिमाही किश्तों में की जानी है।

लेकिन आवेदक की पारिवारिक वार्षिक आय चार लाख रुपए सालाना से अधिक न होना चाहिए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी  निलिमा साहु ने बताया कि जिले में अल्पसंख्यक समुदाय के महिलाओं के उत्थान के लिए भी कई योजनाएं चलाई जा रही है। खास कर उन मुस्लिम तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाओं की आर्थिक सहायता हेतु एक मुश्त में पचीस हजार रुपए अनुदान राशि दी जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *