बिहार में बिजली गिरने से 25 लोगों की मौत, पटना में पांच और समस्तीपुर में आठ लोगों की जान गई

बिहार में गुरुवार को बिजली गिरने से 25 लोगों की मौत हो गई। इसमें समस्तीपुर में आठ और कटिहार में छह लोगों की मौत हो गई। पटना के दुल्हन बाजार में बिजली की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई। ऐसी ही घटना में पूर्वी चंपारण में चार और शिवहर में दो व्यक्ति की मौत हो गई।

25 जून को बिजली गिरने से हुई थी 100 मौतें
25 जून को बिहार में बिजली गिरने से 100 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में अधिकतर किसान और उनके परिवार के लोग थे, जो खेतों में काम कर रहे थे या खेतों से लौट रहे थे। इस साल बिहार में बिजली गिरने से अधिक मौतें हो रही हैं। इसका कारण विशेषज्ञ खरीफ की फसल का सबसे अच्छा सीजन होना बताते हैं। अधिक संख्या में किसान इन दिनों धान रोपने के लिए खेतों में काम कर रहे हैं। इसी कारण इतनी मौतें हो रही हैं।

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में भारी बारिश और बिजली के लिए अलर्ट जारी किया है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक आनंद शंकर ने कहा कि अगले 48 घंटे तक राज्य के अधिकतर हिस्से में बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। किसानों और आम लोगों से अपील की जाती है कि वे इस दौरान जहां तक भी संभव हो खुले में जाने से बचें। आकाश में बिजली चमके या बिजली गिरने की आवाज आए तो पक्के मकान में शरण लें।

मौसम विभाग के अनुसार भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, मुंगेर, सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर समेत 13 जिलों में शाम 7 बजे तक बारिश और बिजली गिरने की आशंका अधिक है।

बचाव का उपाय ऐप पर अलर्ट, पर ये अधिकतर लोगों के पास नहीं
लोगों को ठनका से बचाने के लिए सरकार ने पिछले साल अगस्त में अर्थ नेटवर्क कंपनी से 4 साल का करार किया था। इस कंपनी ने indravajra ऐप बनाया है, जिसे playstore से डाउनलोड कर सकते हैं। एंड्रायड मोबाइल उपभोक्ताओं को बिजली गिरने से 30-45 मिनट पहले अलार्म टोन से अलर्ट मिलता है। उन्हीं को अलर्ट मैसेज जा रहा जो बिजली गिरने वाले इलाके में मौजूद हैं और उनके मोबाइल में इंटरनेट नेटवर्क सही ढंग से काम कर रहा है। जीपीएस ऑन रहना जरूरी है।

जीपीएस के हिसाब से 20 किमी परिधि में बिजली गिरने की पूर्व सूचना की व्यवस्था है। क्लाउड टू क्लाउड बिजली गिरने की सूचना ऐप पर नहीं जाती है। जब क्लाउट टू अर्थ बिजली गिरने की आशंका बनती है तो बारिश की इंटेनसिटी और बादल के मूवमेंट के आधार पर इसकी सूचना मोबाइल ऐप पर ऑटोमेटिक चली जाती है।

फिलहाल मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजने का कोई सिस्टम नहीं बनाया गया है। टेक्स्ट मैसेज की व्यवस्था हो तो एंड्रायड मोबाइल और इंद्रवज्र ऐप के बगैर भी लोगों को सूचना मिल पाएगी। राज्य सरकार लोगों को ऐप डाउनलोड करने के लिए जागरूक कर रही है, लेकिन अभी तक अधिकतर किसान इस ऐप की सुविधा नहीं ले पाए हैं। इसके लिए एंड्रायड मोबाइल और इंटरनेट जरूरी है। बिहार में बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं जो फीचर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *