63 करोड़ की योजना का 30 प्रतिशत काम पांच वर्ष में भी नहीं हो सका पूरा

शहर में नल जल योजना के काम में लगातार उदासीनता बरती जा रही है। शहर में नल जल योजना के कार्य शुरु हुए पांच साल पूरा होने के बावजूद काम पूरा नहीं हो पाया है। शहर में अब भी एक बड़ी अाबादी को नल जल के पानी का लाभ नहीं मिल रहा है। हालांकि जिला प्रशासन कड़े रुख के बाद जिम्मेदार लोगों पर हो रही कार्रवाई से पंचायत में योजना को पूरा करने में तेजी आई है लेकिन शहर में बोरिंग से लेकर पाइप बिछाने एवं तोड़ी गई गलियों को पक्की करण करने के तमाम कार्य अधूरे पड़े हैं। फिलहाल लगभग दो महीने से भी अधिक अवधि से शहर के मुख्य बाजार के मेन रोड के एक हिस्से को पाइप बिछाने के दौरान तोड़ कर अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। कई मुहल्ले की गलियों की भी ऐसी ही दुर्दशा की गई है। लेकिन एजेंसी की शिथिलता कम होने का नाम नहीं ले रही।
वार्ड पार्षदों ने कई बार दर्ज कराई है नाराजगी लेकिन एजेंसी पर फर्क नहीं
वार्ड पार्षद संजय कुमार, धर्मपाल यादव, पूर्व वार्ड पार्षद बैकुंठ यादव, देववंश कुमार सन्यासी, पप्पू कुमार ने बताया कि एजेंसी के रूख का उनलोगों ने कई दफे विरोध किया है लेकिन उसकी शिथिल कार्यशैली सुधर नही रही है। गलियों में पाइप बिछाने एवं घरों में हाउस कनेक्शन पर लेकर तोड़ी गई गलियों के मरम्मत करने के तमाम कार्य अधूरे पड़े हैं। कई जगहों पर पाइप बिछाने के लिए गली तोड़ी गई है। जिसे महीनों से यूं ही छोड़ दिया गया है

दो योजनाओं के लिए 63 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली लेकिन पहले फेज का काम ही पूरा हुआ
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमरुत योजना के तहत शहर में घर घर नल जल पहुंचाने की योजना वर्षों पूर्व शुरू की गई थी। दोनों योजना पर तकरीबन 63 करोड़ राशि खर्च होने के सरकारी स्तर पर स्वीकृति दी गई है ।कायॆकारी एजेंसी डूडा के कार्यपालक अभियंता बिंदा सिंह ने 30 करोड़ की लागत से अमृत योजना फेज वन को पूरा होने की दावा किया है।वही दो साल पूर्व शुरू हुई अमृत योजना फेज 2 का कार्य भी अंतिम फेज मे होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि 33 करोड़ की लागत से संचालित अमृत योजना फेज 2 में शहर के अवशेष भाग में 98 किलोमीटर पाइप लाइन 5000 हाउस कनेक्शन एवं 14 बोरिंग करना था। जिसमें 11 बोरिंग कर लिया गया है। जबकि तीन जमीन के अभाव में लटका हुआ है।

एनओसी के अभाव में नहीं हो पा रहा है बोरिंग
बभना, एरकी एवं कोर्ट एरिया में जमीन का एनओसी के अभाव में बोरिंग नहीं हो पा रहा है। उसी प्रकार 87 किलोमीटर पाइप भी बिछाया जा चुका है तथा हाउस कनेक्शन भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जून अट्ठारह में शुरू हुई उक्त योजना को पूरा करने की कार्य अवधि 2 साल थी। दिसम्बर तक समय विस्तार दिया गया था । एक सप्ताह में कार्य पुरी नही करने पर एजेंसी पर कार्रवाई होगी ।

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