विश्व के 130 यूनिवर्सिटी में होती है हिन्दी की पढ़ाई

जहानाबाद : स्थानीय एसएन सिन्हा कॉलेज में हिंदी विभाग की ओर से विश्व हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। आयोजन की अध्यक्षता प्रोफेसर उमाशंकर सिंह हिंदी विभागाध्यक्ष ने की। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर ओमप्रकाश वर्मा ने किया। प्राचार्य डॉ. अर्जुन शर्मा ने हिन्दी दिवस पर कॉलेज परिवार व लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि हिन्दी देश का गौरव व पहचान है। इसे हर हाल में एकजुटता के साथ संरक्षित व संवर्द्धित करने की जरूरत है।

सर्वप्रथम कार्यक्रम का श्री गणेश हिंदी सेवी रामेश्वर दयाल दुबे रचित’ एक राष्ट्रभाषा हिंदी में, कोटि-कोटि जनता की जय हो’ के गान से किया गया। इस गीत को कॉलेज की छात्राएं ज्योति कुमारी ,आरती कुमारी, अलका कुमारी और कोमल कुमारी ने प्रस्तुत किया। प्राचार्य ने कहा कि विश्व हिंदी दिवस आयोजित करने का उद्देश्य विश्व में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए जागरूकता पैदा करना तथा हिंदी को अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करना है।

इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रोफेसर उमाशंकर सिंह सुमन ने कहा कि हिंदी अभिव्यंजना की अपार क्षमता से पूर्ण एक समृद्ध भाषा है। इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने में सरकार सहित समाज के हर उपकरणों की ओर से महत्वपूर्ण सहयोग आवश्यक है। प्रोफेसर राजकुमार मिश्रा ने कहा की आज विश्व भाषा में हिंदी महत्वपूर्ण स्थान रखती है। प्रोफेसर चंदन कुमार ने बताया की अभी विश्व के करीब 130 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है।

कॉलेज के छात्र अंकित कुमार अंशु कुमार एवं मनीष कुमार ने भी अपने विचार से हिंदी को महिमामंडित किए। इस अवसर पर डॉक्टर अमर किशोर, प्रोफेसर इंतखाब आलम, प्रमिला कुमारी, रास नारायण भगत ,संजय कुमार बृजेश कुमार, कृष्ण लाल अलबेला, विकास कुमार आदि उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने किया।

हिन्दी विश्व की साहित्यिक भाषाओं में समाहित, 137 देशों में बोली जाती है

इधर समाजवादी लोक परिषद द्वारा हिन्दी दिवस पर सतीश कुमार मिश्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष व साहित्यकार सत्येन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि विश्व में हिंदी विश्व की साहित्यिक भाषाओं की श्रेणी समाहित हो गयी है। 137 देशों में हिंदी भाषी मैजूद है। विश्व में हिंदी के विकास करने के उद्देश्य से 10जनवरी 1975 में नागपुर के विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की थी।

उन्होंने कहा कि हिंदी विश्व में सम्मान, स्वाभिमान और गर्व की भाषा के रूप में प्रतिष्ठापित है। हिंद की हिंदी संस्कारों का प्रतिबिंब है। जापान, अनेरिका , इंग्लैण्ड, फ्रांस , जर्मनी ,आदि देशों में हिंदी विकास के पथ पर अग्रसर है। अपने देश में हिन्दी को और गौरव से प्रतिष्ठापित कराने के लिए हर देशवासी को संकल्प लेना चाहिए।

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