मांगलिक कार्य के लिए 104 दिनों का करना होगा इंतजार

मकर संक्रांति के साथ ही एक माह से चला आ रहा खरमास गुरुवार को संपन्न होग गया। हालांकि आम तौर पर मकर सक्रांति के बाद सभी प्रकार के शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं लेकिन इस साल शुक्र और गुरु नक्षत्र के प्रभाव के कारण शादी-व्याह, गृहप्रवेश, उपनयन, मुंडन संस्कार आदि मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। परंतु शेष शुभ कार्य प्रारंभ हो सकेंगे। शादियों के लिए सामाजिक व पारिवारिक स्तर पर बातचीत का सिलसिला जारी रखने में किसी तरह की मुश्किलें नहीं होगी। काली मंदिर के मुख्य पुजारी जनमेजय मिश्र ने बताया कि आम तौर पर शुक्र का उदय भी लगभग इसी समय होता है, इसलिए यहां से शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है। लेकिन इस बार 15 तारीख तक शुक्र के अस्त रहने और इसके अगले दिन से पश्चिम दिशा में गुरु के अस्त हो जाने के कारण विवाह, गृह प्रवेश, उपनयन (जनेऊ), मुंडन आदि जैसे मांगलिक कार्य मकर संक्रांति के बाद भी नहीं हो सकेंगे। इसके लिए श्रद्धालुओं को अभी 104 दिनों का और इंतजार करना होगा। आचार्यों का कहना है कि अपने यहां वाराणसी पंचांग में दर्शाए गए ग्रह, नक्षत्रों को आधार मान शुभ कार्य संपादित किए जाते हैं। इस कारण 22 अप्रैल से पहले कोई लग्न मुहुर्त की तिथियों के संकेत नहीं मिल रहे हैं। जाहिर है कि अभी लोगों को इस साल शादी-व्याह के लिए अभी लंबे समय के इंंतजार की मजबूरी है।

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