6240 फ्रंटलाइन वारियर्स के लिए आयी वैक्सीन, कल से 5 केंद्रों पर लगेगा टीका

आखिरकार दस महीने के लंबे अंतराल के बाद जिले के लोगों को राहत की बड़ी खबर सामने आई। सोलह जनवरी से शुरू हो रहे वैक्सिनेशन को लेकर पहली बार गुरुवार को कोरोना से लड़ाई का प्रभावी हथियार जिले में पहुंच गया। कोविड-19 काेविशिल्ड की 634 व्हाइल की पहली खेप गुरुवार को जिले में पहुंच गई। वैक्सीन वाहन के आने की सूचना पर जिलाधिकारी नवीन कुमार व सिविल सर्जन डा. सहित विभाग व प्रशासन के कई अधिकारी यहां उत्सवी माहौल में वैक्सिंग के स्वागत के लिए जिले के लिए मौजूद थे मौके पर पहले से मौजूद थे।

सदर अस्पताल स्थित जीएनएम कॉलेज परिसर स्थित कोल्ड रूम के बाहर वैक्सीन वाहन आते ही हर किसी ने तालियां बजाकर उसका स्वागत किया। एक व्हाईल में दस डोज की सुविधा है यानि कि कुल 6340 लोगों के लिए डोज की पहली खेप यहां सुरक्षित पहुंच गई। पुलिस के स्काॅट के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में नालंदा से सदर अस्पताल के कोविड सेंटर में लाया गया। सीएस डा. विजय कुमार सिन्हा,डीआईओ डा. बीके सिंह, एपिडेमियोलॉजिस्ट आलोक कुमार, डीपीएम अनवर आलम,यूनिसेफ के रूद्र शर्मा डब्ल्यूएचओ के डाॅ कुणाल, आशुतोष कुमार की उपस्थिति में वैक्सीन को उतारा गया।

तीन कमरे का बनाया गया है सेंटर, टीका लेने के बाद आधे घंटे तक होगी निगरानी

फ्रंटलाइन वर्कर के बाद बुजुर्गों व बीमारों का आएगा नंबर
5200 फ्रंटलाइन वर्कर का सबसे पहले होगा टीकाकरण कोरोना वैक्सीन का टीका सबसे पहले फ्रंटलाइन वर्कर को दिया जाएगा। सिविल सर्जन ने बताया कि इसमें जिले में तैनात सभी डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। बताया कि फ्रंटलाइन वर्कर में सरकारी एवं निजी स्तर पर काम रहे स्वास्थ्यकर्मियों को भी शामिल किया गया है। वहीं आंगनबाड़ी की सेविका एवं सहायिका की सूची संबंधित विभाग के स्तर पर तैयार की गई है।

रजिस्ट्रेशन नंबर एवं पहचान पत्र की जांच के बाद ही टीकाकरण
सिविल सर्जन ने बताया कि टीकाकरण स्थल पर तीन कमरा अनिवार्य है। पहले कमरे में लाभार्थी के रजिस्ट्रेशन नंबर एवं उनके पहचान पत्र की जांच होगी। उसके बाद दूसरे कमरे में उन्हें टीका लगाया जाएगा। उस कमरे में एक समय एक आदमी ही जा पाएगा। वहां से वे तीसरे कमरे में जाएंगे, जहां उन्हें आधा घंटा रहना होगा। उस कमरे में सभी आपातकालीन दवाइयां रहेगी। अगर कोई परेशानी हो तो तुरंत इलाज किया जाएगा।

सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मियों की ली जा रही है मदद
कोरोना के खिलाफ जंग में शामिल जिले के अन्य सभी फ्रंटलाइन वर्कर की सूची को अंतिम रूप दिया जा चुका है। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग में तैनात करीब 5200 फ्रंटलाइन वर्कर का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। वहीं फ्रंटलाइन वर्कर में शामिल आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका का रजिस्ट्रेशन संबंधित विभाग के स्तर पर किया गया है। जिले में टीकाकरण के अभियान को पूर्णत सफल बनाने के लिए सरकार के गाइडलाइन के आलोक में सभी विभागों का सहयोग लिया जा रहा है।

28 दिन बाद दोबारा लेना होगा कोरोना से बचने का डोज
कोरोना वैक्सीन देने के लिए जिले में पांच सेंटर बनाए गए हैं। सोलह जनवरी से सदर अस्पताल के जीएनएम कॉलेज में 648 लोग,घोषी मे 574 ,हुलासगंज में 445 , काको मे 688 तथा मखदुमपुर में 899 लोगों को कोरोना वैक्सीन दिया जाएगा। एपिडेमियोलॉजिस्ट आलोक कुमार ने बताया कि सभी लोगों को कोरोना वैक्सिंग का दवा दो बार दिया जाएगा। प्रथम बार वैक्सीन लेने के 28 दिन बाद पुनः कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। जिले में टीकाकरण को लेकर सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *