नहीं ले रहीं योजना का लाभ – जागरुकता के बिना महिलाएं

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा चलाये जा रहे मुस्लिम परित्यक्ता और तलाकशुदा कल्याण योजना को सफल बनाने के लिए प्रखंडों में शिविर का आयोजन किया जायेगा। हालांकि अब तक प्रचार-प्रसार के अभाव में मुस्लिम महिलाओं के लिए चलायी जा रही सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति परवान नहीं चढ़ पा रही है। विभाग के आंकड़ों पर भी गौर करें, तो इसकी स्थिति पता चलती है कि 2017 से चल रही इस योजना में अबतक जिले के बहुत ही कम मुस्लिम अल्पसंख्यक महिलाएं ही लाभ प्राप्त कर सकी है।

जबकि, जिले में ऐसी दर्जनों अल्पसंख्यक महिलाएं हैं, जिनके पति या तो मानसिक रूप से दिव्यांग हैं या तलाक दे चुके हैं। अब ऐसी महिलाएं जानकारी के अभाव में सरकार के इस लाभ से वंचित हो रही हैं। इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की परित्यक्ता व तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को लाभ मिलना है। इसके लिए महिलाओं को जिला अल्पसंख्यक कल्याण के दफ्तर में आवेदन देना होता है। आवेदन देने के बाद जिला स्तरीय कमेटी द्वारा आवेदनों की जांच-पड़ताल की जाती है और फिर वैसी जरूरतमंद महिलाओं का अनुमोदन पात्रता के लिए विभाग से कर दिया जाता है। जिले में सुस्त गति से चल रही इस योजना के संबंध में जिला कल्याण पदाधिकारी का कहना है कि विभाग में आये आवेदनों की जांच करा वैसी महिलाओं को लाभ प्रदान किया गया है।

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