व्यावहारिक सर्वेक्षण प्रस्ताव के चलते ग्रेटर जहानाबाद बनाने की योजना पर लगा ग्रहण

जहानाबाद नगर परिषद को ग्रेटर जहानाबाद में तब्दील करने की महत्वाकांक्षी योजना बेतुके व अव्यहारिक विभागीय सर्वेक्षण की भेंट चढ़ता दिख रहा है। मंगलवार को डीएम नवीन कुमार की अध्यक्षता में ग्रेटर जहानाबाद बनाने के पांच वर्ष पूर्व के विभागीय प्रस्ताव पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। मीटिंग में जिले के तीनों विधायक सुदय यादव, रामबलि सिंह यादव व सतीश कुमार दास, स्थानीय सांसद के प्रतिनिधि व मखदुमपुर प्रखंड के रामपुर पंचायत के पूर्व मुखिया अवधेश शर्मा के अलावा कई संबंधित पंचायतों के मुखियों ने भी भाग लिया। सबों ने एक स्वर से 2016 में ग्रेटर जहानाबाद के लिए कराए गए सर्वे प्रस्ताव को बकवास बताते हुए इसे पूरी तरह से अव्यवहारिक करार देते हुए खारिज कर दिया।

वैसे जिला प्रशासन ने विभाग के निर्देशानुसार आगामी सोलह फरवरी को एक बार फिर से मीटिंग बुलाकर दावा-आपत्ति को औपचारिक रूप से जमा कराने की तिथि तय की है। प्राप्त दावा आपत्तियों को नगर विकास विभाग में विचार के लिए भेजा जाएगा। नगर परिषद में आम लोगों के लिए भी अपनी राय जाहिर करने के लिए एक बॉक्स रखा जाएगा, जहां संबंधित लोग अपनी लिखित राय जमा करा सकेंगे। कुल मिलाकर इस तरह के हवा-हवाई सर्वेक्षण से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आने वाले निकट भविष्य में तो ग्रेटर जहानाबाद बनने से रहा।

काको के एक सौ गांवों को शहरी क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव बेतुका
काको प्रखंड के गांव सबसे अधिक प्रभावित होते दिख रहे हैं। हाल ही में काको को नगर पंचायत का दर्जा दिया गया है। इस प्रक्रिया में काको के दो पंचायतों के लगभग तीस गांवों को पहले ही नगर निकाय में शामिल करने का प्रस्ताव है। उसके बाद अब जहानाबाद नगर परिषद में भी प्रखंड के तिरेपन गावों को शामिल करने का प्रस्ताव है। ऐसे में काको प्रखंड के गावों का एक बड़ा हिस्सा नाम का शहर होगा, जो शहर से काफी दूरी पर स्थित हैं। अगर काको के इतनी बड़ी संख्या में गावों को शहर का दर्जा दे दिया गया तो फिर संबंधित गावों का क्या हाल होगा।

पदाधिकारी ने सर्वेक्षण प्रस्ताव पर दिया प्रेजेंटेशन, अधिकांश लोग असहमत
बैठक में पूर्व में कराए गए तथ्यों को नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने बैठक में उपस्थित लोगों के समक्ष बिंदुबार प्रस्तुत किया। उन्होंने बैठक में बताया कि जहानाबाद शहर को विस्तारित करने के लिए पांच वर्ष पहले कुल नए 98 गांवों के क्षेत्र को समाहित करने का प्रस्ताव सर्वेक्षण टीम ने दिया है। नए 98 गावों में 42 गांव सदर प्रखंड के शामिल किए गए हैं जबकि रतनी का एक, 53 गांव काको और दो मखदुमपुर प्रखंड के गांव शामिल हैं। प्रस्ताव को एक स्वर से उपस्थित जन प्रतिनिधियों ने अव्यवहारिक बताते हुए खारिज करने की मांग की।

आमलोगों की राय को दी जाएगी तरजीह : डीएम
जिलाधिकारी ने कहा कि नगर विकास आयोग का नगर परिषद क्षेत्र के विस्तारीकरण की योजना लगभग पांच वर्ष पुरानी है। ऐसे में ग्रेटर जहानाबाद के लिए नए सर्वे के अनुसार ही ग्रामीण क्षेत्रों के समाहित करने का कार्य करना उपयुक्त होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मसले में संबंधित इलाके के जन प्रतिनिधियों व आम लोगों की राय को तरजीह दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चूकी प्रस्ताव पुरानी है लिहाजा वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। आगे जो भी मान्य प्रक्रिया है, उसका जिला प्रशासन अनुपालन करेगा। दावा आपत्ति के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। आगामी सोलह फरवरी को फिर से इस संबंध में बैठक होगी। नए इलाकों का शामिल करने के पहले संबंधित ग्राम सभा स्तर पर बीडीओ की देखरेख में आम लोगों व स्थानीय जन प्रतिनिधियों से विचार विमर्श व सहमति लेकर ही आगे का कोई निर्णय होगा। जल्दीबाजी में इस अहम मसले पर कुछ नहीं होगा।

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