शहर की तरह गांव की गलियों की भी साफ- सफाई कराने की योजना जैसे तैसे

शहर की तरह गांव को भी साफ-सफाई को प्राथमिकता देने और डोर टू डोर कचरा उठाव के लिए सरकार द्वारा वर्ष 2020 में ही योजना लाई गई थी। लेकिन यह योजना अब धरी की धरी रह गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था के लिए पंचायतीराज विभाग में ग्राम पंचायतों को बड़ी जिम्मेदारी दी थी। लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों से कचरा उठाव के लिए पंचायती राज विभाग के मुख्य सचिव ने पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम कचहरी के न्याय मित्र व सचिव सहित विभागीय अधिकारी की देखरेख में यह योजना संचालित करने का निर्देश दिया था। ताकि कचरा संग्रहण की व्यवस्था को अवशिष्ट प्रबंधन के तहत वर्मी कंपोस्ट आदि व्यवस्था सुनिश्चित की होगी। इसके अलावा गांव की गली नली की सफाई प्रतिदिन करानी थी। साथ ही कचरा प्रबंधन के कार्य को भी सुव्यवस्थित किया जाना था।सभी पंचायतों में इसे लागू भी करवानी थी, लेकिन यह योजना सरकारी फाइलों से लेकर ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों तक ही सिमट कर रह गई है। इस पर ना तो पदाधिकारियों का ध्यान है और ना ही जनप्रतिनिधियों का।

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