जहानाबाद : कठिन परिश्रम कर सामाजिक बदलाव को जीवंतता दे रहीं बेटियां

जिले की बेटियां यहां गांधी मैदान में नारी सशक्तिकरण व सामाजिक बदलाव को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती दिख रहीं हैं। दरअसल अपनी कॅरिअर के प्रति संजीदा बनी जिले के विभिन्न इलाकों की सैकड़ों बेटियां अपने अरमानों को हौसले का पंख देकर उड़ान भर रही हैं तो कई इसके लिए बेताब दिख रहीं हैं। ठंड में गांव से कई किलोमीटर की दूरी तय कर अहले सुबह यहां गांधी मैदान में जुट रही बड़ी संख्या में बेटियां एक साथ कई सुखद बदलाव का संदेश दे रही हैं। कोई सिपाही तो कोई सब-इंस्पेक्टर तो कईयों ने बीपीएससी पासकर डीएसपी बनने के सपने संजोए रखी हैं।

अपने इन ख्वाबों को हकीकत में बदलने को लेकर यहां प्रतिदिन तकरीबन सौ से अधिक बच्चियां तीन से चार घंटे की मैदान पर जी तोड़ मेहनत कर खूब पसीना बहा रही हैं। जॉगिंग, हाई जम्प, लॉन्ग जंप, गोला फेंक और दौड़ सहित सभी जरूरी प्रैक्टिस कर अपने को हर मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार कर रही हैं। प्रैक्टिस में शामिल कई बेटियां किसान, मजदूर व मध्यम वर्ग के परिवारों से आती हैं। उनकी हौसले की उड़ान देने में प्रशिक्षक और राष्ट्रीय स्तर के धावक रहे ज्योतिष कुमार गुरु द्रोण की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। बेटियों की कड़ी मेहनत रंग लाती दिख रही है।

परंपरा की संकीर्णताओं को छोड़ अपनी कॅरिअर निर्माण को गांधी मैदान में जमकर पसीना बहा रहीं लड़कियां

किसी के पिता किसान तो कोई सेना के जवान की बेटी, 12 ने निकाली है दारोगा की परीक्षा
गांधी मैदान में अपने अपने सपनों को साकार करने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही लड़कियाें में से किसी के पिता ऑटो चलाते हैं तो कोई किसानी का काम करते हैं किसी के पिता आर्मी में है तो कोई सब इंस्पेक्टर की बेटी है। बेटियों में कईयों का जज्बा काबिले तारीफ है। कई बेटियां आर्मी में बहाल होकर सीमा पर जाकर देश की सुरक्षा का सपना संजोए है।

शहर से दस से तीस किलोमीटर की तक की दूरी तय करना गांव से जहानाबाद गांधी मैदान आने वाली पूजा कुमारी के पिता किसान हैं। वह बाइक पर सवार होकर सिपाही और सर सब इंस्पेक्टर बनने की प्रैक्टिस कर रही है। एएसआई की बेटी प्रिया भारती पूरे आत्मविश्वास से लबरेज है और वह कहती है कि लड़कियां वह सब कर सकती है, जो पुरुष कर सकते हैं।

राष्ट्रीय स्तर के धावक के प्रशिक्षण से मिल रहा बेटियों को मार्गदर्शन, बारीकियों के साथ टाइमिंग पर फोकस
बेटियों की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका ज्योतिष कुमार निभा रहे हैं, जो राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। वे ट्रेनिंग बारीकियों के साथ-साथ टाइमिंग पर फोकस करना सिखाते हैं। गांधी मैदान में बच्चियों को प्रतिदिन प्रैक्टिस करते देख जोश खरोश से प्रभावित जिले के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर गिरिजेश कुमार कहते हैं कि कैरियर में प्रैक्टिस का बड़ा ही महत्व है।

फिजिकल परीक्षा के लिए अभ्यास कर रहीं रश्मि कुमारी, प्रतिमा कुमारी, चंचल कुमारी,अराधना कुमारी,सोनी कुमारी, माला कुमारी, अनामिका कश्यप, पिंकी कुमारी, निशु कुमारी, अनामिका कुमारी, सुनैना कुमारी एवं फलक आफरीन कहती हैं कि पुलिस की नौकरी कर वे समाज में नारियों की सुरक्षा को लेकर एक प्रभावी माहौल देने के लिए सोच रही हैं। अनामिका व अराधना कहती हैं कि जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की भी बेटियां भी देश सेवा के लिए समर्पित है। वे शहीदों के बलिदान से प्रेरित होकर ही देश की सुरक्षा में जाने के लिए पसीना बहा रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *