नगर परिषद को विस्तारित करने वाले प्रस्ताव को ग्राम सभाओं ने नकार दिया

जिले के 98 गांव को मिलाकर जहानाबाद नगर परिषद को विस्तारित किए जाने के प्रस्तावित प्रारूप को ग्राम सभाओं में सिरे से खारिज कर दिया गया। लगभग सभी संबंधित पंचायतों के लोगों ने स्पष्ट तौर पर प्रस्ताव को बकवास बताते हुए इसे जहानाबाद शहर के भविष्य के साथ खिलवाड़ की कोशिश बताते हुए गांवों का ढांचा भी ध्वस्त करने की साजिश व विभागीय मजाक बताया। कई ग्राम सभाओं में इस तरह के दिशाहीन व बिना सिर पैर के सर्वे करने वाली टीम के जिम्मेदार अधिकारियों पर सरकार से सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

अब तक इस संबंध में हुए संबंधिति सभी पंचायतों की ग्राम सभाओं में लोगों ने गांव को गांव रहने देने का प्रस्ताव पारित किया। कई गावों के लोगों ने इस तरह के प्रस्ताव के खिलाफ कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नगर विकास विभाग उनके पहले की स्थिति से छेड़छाड़ करने की कोशिश की तो वे सड़क पर उतरने से लेकर न्यायालय तक जाने से नहीं चूकेंगे।

गौरतलब हो कि गत 2016 में जहानाबाद नगर परिषद के विस्तारीकरण की एक योजना पर नगर विकास विभाग ने सर्वेक्षण कराया था। सर्वेक्षण के बाद जहानाबाद नगर परिषद में काको प्रखंड के 53, सदर प्रखंड के 42 मखदुमपुर प्रखंड के 2 एवं रतनी प्रखंड के एक गांव सहित कुल 98 गांवों को नगर परिषद में समाहित कर ग्रेटर जहानाबाद बनाए जाने का प्रारूप तैयार किया है। 2016 में तैयार प्रारूप में जिला मुख्यालय के 8 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव को नगर परिषद में समाहित किए जाने का प्रस्ताव था।

ग्राम सभाओं में ग्रामीणों का उबला आक्रोश
विभिन्न पंचायतों में हुई ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने उक्त प्रस्ताव को बेतुका बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। सदर प्रखंड के अमैन पंचायत, पंडुई पंचायत,किनारी पंचायत, रतनी प्रखंड के कसव़ां के अलावा काको प्रखंड के नेरथुआ सहित कई ग्राम पंचायतों में हुई ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने नगर परिषद के विस्तारित प्रारूप में अपने गांव को शामिल किए जाने के प्रस्ताव का जमकर आक्रोश व्यक्त किया तथा इसे सर्वे टीम की नादानी भरा कदम बताया। इस कड़ी में रविवार को सदर प्रखंड के पंचायत भवन में मुखिया सिया मनी देवी की अध्यक्षता में ग्रामसभा हुई। बैठक में अमैन, केंदुआ,देवचन्द बीघा, कोसडिहरा, शाहपुर ,मोहनपुर सहित कई अन्य गांवों के ग्रामीण उपस्थित हो ध्वनिमत से प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

लोगों ने कहा- किसानों की बढ़ेगी काफी परेशानी
बैठक में पूर्व मुखिया नरेश प्रसाद सिंह, पैक्स अध्यक्ष धीरज कुमार ,प्रबुद्ध नागरिक अरविंद द्विवेदी, किसान राम लड्डू शर्मा, रामाकांत शर्मा वार्ड पार्षद मुकेश शर्मा ,मानरूप राम, बाबू नंद यादव ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उनका इलाका ग्रामीण है। यहां रहने वाले लोग पूरी तरह से खेती पर निर्भर है। किसान मजदूरों के विकास लिए सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं का लाभ लोगों को मिलता है। नगर परिषद में गांव को शामिल किए जाने से कृषि विकास की योजनाओं पर विराम लग जाएगा वहीं अनावश्यक का टैक्स के बोझ से बोझिल होना पड़ेगा।

किसान मजदूर महत शर्मा जन विजय सिंह, अशोक महतो नागेंद्र दास, रामदयाल दास ने बताया कि गांव में किसान मजदूरों के लिए सरकारी स्तर पर मनरेगा जैसी योजना चलाई जा रही है जिससे किसानों के सिंचाई संसाधन ठीक हो रहा है वही मजदूरों को रोजगार मिल रहा है अगर उन लोगों का गांव नगर परिषद में जाता है तो किसान व मजदूर दोनों फटेहाल हो जाएंगे। मजदूरों को के समक्ष भुखमरी की समस्या आएगी।

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