जहानाबाद : फर्जी दस्तावेज से खाता खोल लोगों के खाते में डाका डालने वाले दो गिरफ्तार

मध्यप्रदेश की पुलिस की शहर में दस्तक देने के बाद फर्जी दस्तावेज के आधार पर खाता खोलकर भोले भाले ग्राहकों के खाते में डाका डालने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस खेल में शामिल शहर के नया टोला निवासी धीरज कुमार और कनौदी गांव निवासी रोशन कुमार को गिरफ्तार किया है। उसके पास से अलग-अलग बैंकों की 43 एटीएम कार्ड के अलावा कई पासबुक, संदिग्ध कागजात और एक लैपटॉप भी बरामद की गई है।

दो दिनों तक अलग-अलग सघन छापेमारी करने के बाद मध्य प्रदेश की पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों साइबर अपराधियों को 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ मध्यप्रदेश ले गई है। धीरज और रोशन की गिरफ्तारी के बाद जो मामले सामने आए हैं, उससे जिले में पिछले कई सालों से घटित साइबर अपराध के मामले भी सुलझने के आसार बढ़ गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार इस गिरोह में धीरज और रोशन के अलावा राहुल कुमार और उदय शर्मा का नाम सामने आ रहा है, जिसकी तलाश पुलिस काफी शिद्दत से कर रही है। इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की। लेकिन, दोनों पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।

दोनों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष कराया गया उपस्थित
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों साइबर अपराधियों को जहानाबाद स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित करा कर 72 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ मध्यप्रदेश ले गई है। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए दोनों साइबर अपराधियों ने पूछताछ के क्रम में मध्य प्रदेश पुलिस को कई इनपुट दी है, जिसके आधार पर इस गिरोह से जुड़े कई और लोगों के नाम और कारनामे का भंडाफोड़ होने की संभावना है।

ग्राहक सेवा केंद्र भी फर्जी
लोगों के खाते से रुपए उड़ाने के लिए गिरोह से जुड़े अपराधी कनौदी के समीप एक फर्जी ग्राहक सेवा केंद्र भी खोल रखा था। इसी केंद्र पर धीरज कुमार, रोशन कुमार, राहुल कुमार और उदय शर्मा की बैठकी होती थी। इसी केंद्र से फर्जी दस्तावेज तैयार किया जाता था। धीरज की गिरफ्तारी के बाद मध्य प्रदेश की पुलिस ने इस केंद्र पर छापेमारी की, जहां से अलग-अलग बैंक के पास बुक के अलावा आधार कार्ड और एक लैपटॉप भी बरामद की गई है।

टावर लगाने के नाम पर शुरू हुई ठगी
पूछताछ के क्रम में जो मामला सामने आ रहा है, उसके अनुसार इस गिरोह से जुड़े लोगों ने टावर लगाने के नाम पर ठगी का खेल शुरू किया। इस गिरोह ने मध्य प्रदेश के टीकाराम नामक एक व्यक्ति से टावर लगाने के नाम पर 15 हजार रुपए अपने खाते पर चेक के माध्यम से जमा कराया। इसके बाद अलग-अलग प्रक्रिया के नाम पर लगभग 19 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। इस संदर्भ में टीकाराम ने सागर जिले के मोती नगर थाना में कांड संख्या 313/19 शिकायत दर्ज कराई। मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने जब अनुसंधान शुरू की तो उस गिरोह के तार जहानाबाद से जुड़ने शुरू हो गए।

रुपए ट्रांसफर कराने के लिए शुक्रवार का दिन चुनते थे साइबर अपराधी
लोगों के खाते पर डाका डालने एवं फर्जी खाते पर रुपए ट्रांसफर कराने के लिए गिरोह से जुड़े साइबर अपराधी शुक्रवार का दिन चयन करते थे। पूछताछ के क्रम में हिरासत में लिए गए दोनों लड़कों ने पुलिस को जानकारी दी है कि वे लोग शुक्रवार का दिन इसलिए चयन करते थे कि अगला दिन शनिवार और दूसरा दिन रविवार का होता था। इन दो दिनों तक बैंक बंद रहने के कारण लोगों की शिकायत बैंक तक नहीं पहुंच पाती थी और तब तक साइबर अपराधी उसके खाते से अपने मनोनुकूल राशि ट्रांसफर कर लेते थे। दोनों की गिरफ्तारी के बाद यह भी बात सामने आई है कि इस गिरोह से जुड़े लड़के पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी बाइक पर प्रेस का स्टिकर लगाकर शहर में घूमते थे। बहरहाल, इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद साइबर अपराध से जुड़े अपराधी के कान खड़े हो गए हैं।

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