जहानाबाद जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार ने साईकिल रैली निकाल शत-प्रतिशत बच्चांे को नामांकन के लिए किया जागरूक

जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि जिले में प्रवेशोत्सव अभियान की व्यापक सफलता के लिए सामाजिक क्षेत्र की सहभागिता को और व्यापक करने की जरूरत है। वे शुक्रवार को यहां “प्रवेशोत्सव विशेष नामांकन”अभियान को लेकर आयोजित एक साइकिल रैली के शुभारंभ मौके पर बोल रहे थे। डीडीसी मुकूल कुमार गुप्ता की अगुआई में डीएम आवास से कारगिल चौक तक निकाली गई साईकिल रैली में शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कई शिक्षकों ने भी हिस्सा लिया।

डीएम ने कहा कि शत प्रतिशत बच्चों का नामांकन व उन्हें स्कूल पहुंचाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्येश्य है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन को यह संदेश दिया जाना है कि “हर बच्चा अच्छी शिक्षा का हकदार है” और इसके लिए सबको सक्रिय रुप से प्रयासरत होना है।

उन्होंने बताया कि शिक्षा हर व्यक्ति के जीवन के मूल स्तंभों में से एक है, अतः किसी भी हाल में बच्चों को इससे वंचित नहीं रखा जा सकता है। उन्होंने शिक्षकों एवं अभिभावकों से अपील किया कि वे इस अभियान में शत-प्रतिशत अपना समर्थन एवं योगदान दें।

टीम का गठन कर करें काम
उन्होंने बताया कि सभी विद्यालय द्वारा अपने पोषक क्षेत्र के 14 वर्ष के बच्चों का बाल पंजी संधारित करना है। इसके लिए सभी प्रधानाध्यापकों को अपने विद्यालय के सभी शिक्षकों के बीच विद्यालय के पोषक क्षेत्र के टोले, मोहल्ले, वार्ड का बंटवारा सुनिश्चित करना है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि पोषक क्षेत्र के टोले, मोहल्ले या वार्ड को इकाई मानते हुए शिक्षक, सीआरसी,बीआरसी, बीआरपी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सेविका, सहायिका जीविका दीदी आदि की टीम बनाकर पूरी सक्रियता एवं तत्परता से बाल पंजी का संधारण, निरीक्षण एवं सत्यापन सुनिश्चित करें ताकि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित ना रहे। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही देखे जाने पर संबंधित पर उचित कार्य वाई की जाएगी।

जिले के सभी स्कूलों में खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की जरूरत
उप विकास आयुक्त ने शिक्षा के महत्व पर जोड़ देते हुए कहा कि बच्चों को स्कूल में आकर्षित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ विद्यालयों में खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता है ताकि बौद्धिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास पर ध्यान देते हुए समग्र शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने हर पंचायत के लिए बनाए गए बाल संधारण टीम से से अपील किया कि वे शत प्रतिशत प्रयास करें एवं अपने पोषक क्षेत्र के हर बच्चे को स्कूल में लाना सुनिश्चित करें।

साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपील किया कि वे अपनी पूरी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए बच्चों को स्कूल भेजें और इस महोत्सव का हिस्सा बनकर एक बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा बच्चों की उपस्थिति का अनुश्रवण किया जाना है और अनुपस्थित रहने पर शिक्षकों द्वारा बच्चों के माता-पिता के घर जाकर संपर्क स्थापित करेंगे एवं बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। उक्त कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त के साथ साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आदि मौजूद थे।

ड्रॉप आउट बच्चों को भी स्कूल पहुंचाने पर करना होगा फोकस

उन्होंने ड्रॉपआउट बच्चों पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नए नामांकन के साथ-साथ 6 से 14 आयु वर्ग के छिजित बच्चों को भी विद्यालय में पुनः वापस लाने की आवश्यकता है। आवश्यकतानुसार उनके लिए उपचारात्मक शिक्षा की व्यवस्था करने की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर चिकित्सा एवं समृद्ध कृषि अत्यंत महत्वपूर्ण है अतः उनके निर्धारित भ्रमण स्थलों पर इन घटकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है है और इन तीनों विकास मापदंडों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या उदासीनता देखी जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इस क्रम में उन्होंने प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक बुधवार या गुरुवार को बाल पंजी संधारण, विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण एवं शिक्षकों की उपस्थिति का निरीक्षण एवं सत्यापन करना सुनिश्चित करें।

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