कोरोना ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट पर फिर से फोकस : सदर अस्पताल जहानाबाद

पर्व के दौरान बाहर से घर लौटने वाले लोगों से संक्रमण का चेन विस्तारित होने से रोकने को ले जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगाह थ्री टी यानी ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट पर टिक गई है। देश के कुछ राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में संबंधित राज्यों से आनेवाले लोगों की कोरोना जांच होगी। ऐेसे में जो लोग इन राज्यों से आएंगे उनके लिए रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड पर जांच कैंप भी लगाए जाएंगे। हालांकि मजिस्ट्रेट की तैनाती नहीं होने से बस स्टैंड पर कैंप काम नहीं कर पाया। सिविल सर्जन ने बताया कि ग्रामीण इलाके में इन राज्यों से आनेवाले लोगों की सूचना देने और जांच के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की भी मदद ली जाएगी। इसके अलावा पीएचसी प्रभारियों को भी इन राज्यों से आनेवाले लोगों की जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

आशा कार्यकर्ताओं व आंगनबाड़ी सहायकों की भी मदद
बाहर से आनेवाले लोगों को चिन्हित करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायकों की भी मदद ली जाएगी। ऐसे लोग अगर पॉजिटिव आते हैं तो उनपर माइक्रो आइसोलेशन केंद्र अथवा उनको अपने घर में ही आइसोलेट करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पॉजिटिव पाए गए लोगों के इलाज का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। सिविल सर्जन ने कोरोना के दोबारा प्रसार होते देख पटना के लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। कहा कि लोगों को मास्क का प्रयोग और अनावश्यक बाहर नहीं निकलने के नियमों का पालन करना चाहिए। साथ ही जो लोग टीका लेने के योग्य हैं, उनको टीकाकरण केंद्र पर जाकर टीका लेना चाहिए। टीकाकरण ही कोरोना से बचाव का सबसे कारगर व एकमात्र उपाय है।

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