बिहार के किशनगंज में सिलेंडर विस्‍फोट, धमाके के साथ परिवार के पांच सदस्‍यों की जिंदा जलकर मौत

किशनगंज में सोमवार की सुबह एक परिवार के लिए सदमे भरा है। मोहिउद्दीनपुर सलाम कॉलोनी के एक घर में सिलेंडर ब्लास्ट होने से चार बच्‍चे समेत पांच की मौत हो गई। मृतकों में पिता और उसके चार बच्‍चे शामिल हैं। जबकि युवक की पत्‍नी गंभीर रूप से झुलस गई है।

जानकारी के अनुसार, जिले के मोहिउद्दीनपुर सलाम कॉलोनी में सिलेंडर ब्लास्ट होने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। घटना सोमवार सुबह घटी। घटना के बाद मौके पर पहुंची टाउन थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड ने किसी तरह आग पर काबू पाया। आग को फैलने से रोका।

मृतकों में चार बच्‍चे भी शामिल

इस घटना में नूर आलम और उसकी बेटी 10 वर्षीय तोहफा प्रवीण, आठ वर्षीय शबनम प्रवीण, छह वर्षीय बेटा रहमत रजा और तीन वर्षीय बेटा मो. शाहिद की मौत हो गई। पुलिस ने पांचों के के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। इस घटना में मृतक नूर आलम की पत्नी सहजादी बानो गंभीर रूप से घायल है। उसका इलाज सदर अस्‍पताल में चल रहा है। घटना के बाद वहां काफी संख्‍या में लोग जमा हो गए हैं। परिवार के स्‍वजनों और ग्रामीणों में मातमी सन्‍नाटा पसरा हुआ है। सभी शोक में हैं।

घर में मचा कोहराम

सिलेंडर विस्‍फोट के बाद आग भयानक रूप से चारों ओर फैल गया। जोरदार विस्‍फोट से सभी दहल गए। यह चार बच्चों समेत एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से सभी दहल गए हैं। हर कोई सकते में आ गया है।

चूल्हे से पकड़ा था सिलेंडर में आग

रविवार रात को शहजादी बानो ने लकड़ी वाले चूल्हे पर खाना बनाई थी। खाना खाकर सभी लोग सो गए। इसके बाद सोमवार की सुबह चार बजे के आसपास सिलिंडर फटा। घायल शहजादी बानो ने बताया कि शायद चूल्हे का आग पूरी तरह बुझ नहीं पाया था। जिस कारण धीरे-धीरे आग धधकते हुए चूल्हे से घर में पकड़ लिया। सिलिंडर चूल्हे के बगल में रखा था। फूस के घर में आग पकड़ने के साथ-साथ सिलिंडर में भी आग पकड़ लिया। सिलेंडर विस्फोट होते ही गहरी नींद से जागते ही वह खुद को आग से घिरी देखे। वह छोटे बेटे को लेकर भागने लगी। लेकिन तीन वर्षीया बेटा वापस घर की ओर चला गया। धधकती आग ने उसे लपेटे में लिया। किसी तरह भागकर वह अपनी जाच बचा सकी। पति और बच्चों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।

पेशे से बिजली मिस्त्री था नूर आलम

मोहिउद्​दीनपुर निवासी नूर आलम पेशे से बिजली मिस्त्री था। भाई दिलावर ने बताया कि उसने तीन शादी की थी। शहजादी बानो दूसरी पत्नी है। तीनों पत्नी अलग-अलग रहती है। रविवार शाम को ही वह दूसरी पत्नी के घर आया था। पत्नी और बच्चों के साथ खाना खाकर सो गया। सुबह जब सिलेंडर फटने की आवाज हुई तो आसपास के लोग जुटे। आग की लपटें देखकर तत्काल पुलिस और अग्निशमन विभाग को लोगों ने जानकारी दी। तत्काल पहुंची अग्निशमन दस्ता ने किसी तरह आगू पर काबू पाया। लेकिन तब तक बच्चों के साथ नूर आलम ने पूरी तरह झुलस कर दम तोड़ दिया था। गंभीर रूप से झुलस चुकी मृतक की पत्नी शहजादी बानो को सदर अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया। पूरे गांव में मातमी सन्‍नाटा पसरा हुआ है।

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