Interview: पुलिस की रोकटोक में नागरिकों की सुरक्षा निहित : जहानाबाद एसपी

वर्ग संघर्ष की आग तो बुझ चुकी है लेकिन बिहार से लेकर मध्यप्रदेश तक साइबर अपराध के लिए जहानाबाद का नाम सुर्खियों में है। गांव-गांव में जहां पुलिस के पड़ते हैं पांव वहीं महुआ शराब की दुर्गध आने लगती है। शहर में ट्रैफिक जाम और लूट-पाट के साथ कई चुनौती का सामना पुलिस को करना पड़ रहा है। जहानाबाद में जन सुरक्षा के लिए पुलिस की कार्रवाई पर एसपी दीपक रंजन से बात की शंभु कुमार ने बातचीत की। प्रस्तुत है है बातचीत का प्रमुख अंश..।

प्र.- अपराध जगत हाईटेक हथकंडे अपना रहा है। पुलिस के पास ऐसे अपराध पर नियंत्रित करने के लिए क्या उपाय है?

उ. – अपराधी चाहे कितना भी तकनीकी आजमा ले कानून और पुलिस से बच नहीं सकता। जहानाबाद पुलिस वैज्ञानिक अनुसंधान में सक्षम है और मामले में अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है।

प्र. – मध्यप्रदेश से लेकर बिहार तक जहानाबाद के साइबर अपराधी का नाम सामने आया है। साइबर अपराध रोकने के लिए क्या उपाय है?

उ. – साइबर अपराध सेल का गठन किया गया है। सेल से जुड़े पुलिस पदाधिकारी और कर्मी प्रशिक्षण लेकर काम करेंगे।

प्र. – राह चलते अक्सर नगद पैसे लूटने में अपराधी कामयाब हो जाते हैं। असुरक्षा का भाव कैसे समाप्त करेंगे?

उ. – देखिए व्यवसायियों को चाहिए कि यदि बड़ी रकम कहीं भी लेकर जाना या आना है तो पुलिस को सूचित कर दें। जिले में संबंधित थाने से सुरक्षा मिलेगी। संवेदना के साथ 24 घंटे पुलिस की सेवा मिलेगी।

प्र. – बैंक कर्मियों तथा सीएसपी संचालकों से छिनतई की घटनाएं क्यों बढ़ रही है?

उ. – बैंक कर्मियों तथा सीएसपी संचालकों को पुलिस प्रशासन की ओर से गाइड लाइन जारी किया गया है। पुलिस को सूचना देकर पैसे को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना चाहिए।

प्र. – पीपुल्स फ्रेंडली पुलिसिंग व्यवहारिक रूप में सफल है?

उ.- यदि पुलिस रोकटोक करती है तो इसमें नागरिक की सुरक्षा निहित है। सभी थाना तथा ओपी अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि जो भी लोग अपने फरियाद लेकर पहुंचे उसके साथ बेहतर सलूक करें।

प्र. – शहर में अतिक्रमण से ट्रैफिक जाम से लोग परेशान हैं। जाम से निजात का क्या प्लान है?

उ.- ट्रैफिक जाम की समस्या का अहसास तो एसपी के रूप में योगदान करने के दिन ही हुआ था। व्यापक कार्य की जरूरत है। नो पार्किंग जोन में गाड़ियां को जब्त और जुर्माना दोनों तरह की कार्रवाई की जाएगी। नागरिकबोध की कमी है।

प्र.- शहर में कम उम्र के बच्चे लहरिया कट बाइक चलाते देखे जाते हैं। पुलिस रोकथाम क्यों नहीं लगा रही है?

उ. – कोई भी बच्चा बाइक लेकर तब सड़क पर आता है जब माता-पिता गाड़ी की चाबी देते हैं। अभिभावक सजग रहें तो इस तरह की स्थिति नहीं होगी। भौगौलिक रूप से जिले की जानकारी लेकर वाहनों की जांच को पुलिस की प्रतिनियुक्ति की गई है।

प्र.- अवैध रूप से शराब निर्माण के लिए महुआ मंगाया जाता है। रोजाना शराब पकड़ी जाती है। जिले के सीमा पर रोक के लिए क्या उपाय है?

उ.- सीमावर्ती थाने को सतर्क रहने और नियमित जांच करने का निर्देश दिया गया है। आपत्तिजनक सामग्रियों की खेप पुलिस जिले की सीमा पर सख्ती से उसे नियंत्रित कर रही है। यही कारण है कि लगातार शराब की खेप भी बरामद किए जा रहे हैं।

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