जहानाबाद बैंकाें की हड़ताल से 93 शाखा और 68 एटीएम में लटके रहे ताले

सरकार के बैंकों के निजीकरण नीति के विरोध में बैंकर्स का सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल पर चले जाने से जिले के सभी बैंक शाखाओं एवं एटीएम में ताले लटके रहे। नतीजा शुरुआती दिन 20 करोड़ का लेन देन का कायॆ ठप रहा। आम लोगों को भी मार्च महीने में बैंकों की लगातार बंदी से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भारी संख्या में ऐसे लोग बैंक परिसर पहुंचकर निराश लौटे, जिन्हें बैंक कर्मियों की हड़ताल की सूचना नहीं थी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक एम्पलाइज के आवाह्न पर दो दिवसीय हड़ताल पर रहे अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एलडीएम कार्यालय एवं पीएनबी मुख्य शाखा में तालाबंदी कर गेट पर धरना प्रदर्शन किया। बाद में शहर में रैली भी निकालकर विरोध प्रदर्शन किया ।इस दौरान हड़ताली बैंकसॆ शहर मे स्थित अन्य निजी सेक्टर के बैंकों में भी जाकर कामकाज को ठप कराया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के बैनर तले बैंकसॆ द्वारा निकाली गई रैली पीएनबी मुख्य शाखा से निकलकर अरवल मोड़, अस्पताल मोड़ से मेन बाजार होते हुए पुनः मेन शाखा में लौट सभा में बदल गई।

मौके पर बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के अधिकारी नरेंद्र कुमार ने कहा कि
मौके पर बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के अधिकारी नरेंद्र कुमार ने कहा कि हड़ताल सरकार के जनविरोधी बैंकिंग एवं आर्थिक नीतियों एवं सार्वजनिक क्षेत्र की बैंको के निजीकरण और विनिवेश के सरकार के फैसलों के विरोध में है। साथ ही आम जनता, किसानों ,लघु बचतकर्ताओं, पेंशनभोगियों,छोटे एवं मध्यम उद्यमियों, व्यपारियों, स्वरोजगारियों, विद्यार्थियों, महिलाओं, पिछड़े वर्गोंं, बेरोजगारों और कर्मचारियों सहित 95% जनता के हितों की रक्षा भी होगी। यूनियन के प्रतिनिधि शंकर कुमार ने बताया कि हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक शामिल है। सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सभी बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी का मंगलवार को भी हड़ताल जारी रहेगा। संघ नेताओं ने कहा कि सरकार की बैंक को निजीकरण करने की जनविरोधी योजना है। सरकार ने अगर उसे जल्द वापस नही ली तो बैंक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।

वक्ताओं ने कहाञ निजीकरण से बैंक ऋ ण महंगा होगा
दो दिनों की हड़ताल तो सिर्फ सरकार को आगाह करने के लिए है। वक्तओं ने कहा कि निजीकरण से बैंक ऋण महंगा होगा , ग्रामीण जनता से बैंक दूर होगा, कृषि ऋण में कमी आएगी , जनता की बचत पूंजी पर बड़े कॉरपोरेट घरानों का कब्जा होगा। हड़ताल का नेतृत्व पंजाब नेशनल बैंक एम्पलाइज यूनियन के उपाध्यक्ष कुमार राजीव रंजन, एनसीबीई के मंडल उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के शंकर कुमार एवं बाबू आनंद, नरेंद्र कुमार, बैंक ऑफ इंडिया के अनिल कुमार, बैंक ऑफ बड़ोदा के शांतनु आदि अन्य बैंकों के अधिकारी ने किया।

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