पटना हाईकोर्ट ने कहा- शराब माफिया और पुलिस के बीच मिलीभगत है, जिससे शराबबंदी है फेल

जब साढ़े चार सौ लीटर शराब जब्ती का आरोपी बिना नियमित ज़मानत के छूट गया तो  पटना हाईकोर्ट ने हैरानी जाहिर की l अदालत ने कहा कि  शराब माफिया और पुलिस की मिलीभगत से ही शराबबंदी कानून का पालन नहीं हो रहा है?

यह टिप्पणी न्यायाधीश बिरेन्द्र कुमार की एकल पीठ ने उस समय की जब मुजफ्फरपुर के एक अभियुक्त जितेन्द्र राय उर्फ जितेंद्र यादव के वकील ने  बिना बहस के  ही जमानत अर्जी वापस ले ली l वकील ने कोर्ट को बताया कि निर्धारित  सीमा के भीतर (60 दिन) में पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप-पत्र दायर नहीं  की थी l जिस कारण भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 का लाभ मिल गया l

 

क्‍यों पुलिस इंवेस्‍टीगेशन पूरी न कर सकी

इस प्रकरण पर कोर्ट ने 4 अप्रैल को मुजफ्फरपुर के वरीय आरक्षी अधीक्षक को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है l  उन्हें कोर्ट में हाजिर होकर बताना होगा कि आखिर किस   कारण पुलिस अनुसंधान कार्य (investigation) पूरा नहीं कर सकी  और अभियुक्त को लाभ मिल गया l

क्या था माजरा

अभियुक्त जितेंद्र यादव पर मुजफ्फरपुर के कांटी थाना कांड संख्या 776/ 2019 दर्ज हुआ था l इस घटना में अभियुक्त के पॉलट्री फॉर्म से 466 लीटर विदेशी शराब पाया गया था l अभियुक्त ने अपने बचाव के लिए पहले मुजफ्फरपुर जिला न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की थी l लेकिन वहां उन्हें जमानत नहीं मिली तो 23 दिसंबर को पटना हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दायर की l हाई कोर्ट में उसके जमानत पर तत्काल सुनवाई होनी संभव नहीं थी, तो पुलिस ने अभियुक्त की मदद  करते हुए आरोप पत्र दायर नहीं किया और इसका लाभ अभियुक्त को मिल गया l

अदालत ने डीजीपी से भी की थी शिकायत

न्यायाधीश ने जब पहली बार 23 फरवरी को इस जमानत मामले पर सुनवाई की तो पुलिस महानिदेशक (Bihar DGP) को अपने स्तर से देखने को कहा  कि आखिर यह सब क्या हो रहा है l आप अपने स्तर से इस मामले पर कार्रवाई करें l लेकिन डीजीपी की ओर से डीएसपी (मुख्यालय) ने शिथिलता के साथ कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया l जवाब से असंतुष्ट कोर्ट ने पाया कि अभियुक्त के खिलाफ  कांटी थाना कांड संख्या 174 /2018, कांटी पीएस  नंबर 405/ 2018 ,  कांटी पीएस नं. 513 /2020, कांटी पीएस नंबर  526/2020, कांटी पीएस नंबर 788 /2019  और कांटी पीएस नंबर 264/2020 पहले दर्ज थे l सारे मामले शराब बंदी  कानून के ही उल्लंघन से ही संबंधित थे l

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