कल भारत बंद, बिहार में राजद झोंकेगा पूरी ताकत

8 दिसंबर और 14 दिसंबर के बाद तीसरी बार कल फिर से किसानों का भारत बंद होने जा रहा है। बिहार में इसका व्यापक असर दिखेगा। इसबार इस बंद को सफल बनाने में राजद के साथ-साथ विपक्षी दल पूरी ताकत झोंकने वाले हैं। आशंका है कि भारत बंद के दौरान बिहार विधानसभा में विपक्ष के विधायकों के साथ हुई मारपीट का गुस्सा फूटेगा। विपक्षी पार्टियों के विधायकों को जिस तरह से उठा-उठा कर बाहर फेंका गया, महिला विधायकों के साथ बदसलूकी हुई, उससे विपक्ष आग बबूला है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच सदन की तनातनी सड़क पर भी दिखेगी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव खुद इसको लेकर रणनीति बना रहे हैं।

कल घर से सोच-समझ कर निकलें
तीन दिन पहले पुलिस बिल और बेरोजगारी, महंगाई के खिलाफ राजद के विधानसभा मार्च के दौरान पटना के डाकबंगला चौराहे पर बवाल को ध्यान में रखते हुए घर से सोच-समझ कर निकलें। यातायात के साधनों पर भी इसका बड़ा असर पड़ेगा। भारत बंद को लेकर प्रशासन के स्तर पर भी पूरी सख्ती बरती जाएगी। शहर में जाम की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए परेशानी से बचने के लिए पहले से ही सतर्क रहने की जरूरत है।

GPO गोलंबर से दोपहर 12 बजे निकलेगा मार्च
किसान महासभा की ओर से 26 मार्च को नए कृषि कानून के खिलाफ सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक भारत बंद का आह्वान किया गया है। पटना में GPO गोलंबर से दोपहर 12 बजे से मार्च भी निकाला जाएगा। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि किसानों का मुद्दा तो बंद में रहेगा ही इसके साथ ही बेरोजगारी और विधानसभा में विधायकों के साथ हुई मारपीट के विरुद्ध भी यह बंद होगा।

वाम प्रभावित जिलों के साथ बाकी जिलों में भी दिखेगा असर महागठबंधन के इस भारत बंद का असर बिहार में काफी बढ़ जाने की संभावना है। कम्युनिस्ट पार्टियों के प्रभाव वाले इलाके आरा, बेगूसराय, मधुबनी, जहानाबाद, अरवल, सीवान, चंपारण, समस्तीपुर के साथ ही शेष बिहार में भी यह बंद प्रभावी रहेगा।

तेजस्वी ने साफ कर दिया बिहार में बंद का एजेंडा
गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में बंद का एजेंडा साफ कर दिया है। कहा कि 26 मार्च को बेरोजगारी, विधायकों के साथ मारपीट और किसानों के सवाल पर बिहार बंद कराया जाएगा। उन्होंने इस दौरान नीतीश पर जमकर निशाना साधा। कहा-बंदूक के बल पर विधानममंडल में बिल पेश कराया गया। बिहार पुलिस JDU पुलिस हो गई है। नीतीश कुमार ने कर्पूरी ठाकुर के समय अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठकर सदन चलाया था। अपना समय वे भूल गए? उस समय भी सदन के अंदर पुलिस नहीं आई थी। कहा, इनके स्वजाति विधानसभा में गुंडों की तरह घूम रहे हैं।

कांग्रेस ने विधायकों की पिटाई के खिलाफ दिया धरना
कांग्रेस ने राज्य सरकार और केन्द्र सरकार के खिलाफ गर्दनीबाग में धरना दिया। केन्द्र के कृषि कानून और बिहार सरकार के पुलिस कानून के विरोध के साथ ही बिहार विधानसभा में विधायकों की पिटाई करने के खिलाफ धरना दिया गया। यह आयोजन राज्य के हर जिले में किया गया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि बिहार विधानसभा में विधायकों को पीट कर फेंके जाने से शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। अन्याय का नाश निश्चित है।

माले ने की बंद को सफल बनाने की अपील
भाकपा-माले ने विधानसभा के अंदर विपक्ष के विधायकों पर बर्बर पुलिसिया दमन व उनके मनोबल को गिराने की भाजपा-जदयू की कोशिशों के खिलाफ 26 मार्च को महागठबंधन के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित बिहार बंद को ऐतिहासिक बनाने की अपील राज्य की जनता से की है। कहा है कि विधानसभा को शर्मसार कर लोकतंत्र की हत्या करने वाले नीतीश कुमार को बिहार की जनता से माफी मांगनी होगी।

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