जहानाबाद: बिस्टॉल से राइफल, कारतूस और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

जहानाबाद में सुसुप्त पड़े नक्सली संगठन को पुनर्जीवित करने की नक्सलियों की मुहिम को बड़ा झटका लगा है। इसी कड़ी में पटना से आई एसटीएफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने कड़ौना ओपी क्षेत्र के बिस्टॉल गांव से परशुराम सिंह एवं संजय सिंह को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि दोनों के तार दानापुर में गिरफ्तार नक्सली गौतम सिंह से जुड़े हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ करने में जुटी है। दरअसल, एसटीएफ की टीम ने दानापुर के गजाधरचक इलाके से कुख्यात नक्सली गौतम सिंह को गिरफ्तार किया है।

गौतम सिंह की निशानदेही पर पटना से आई एसटीएफ की टीम ने कड़ौना पुलिस के सहयोग से विस्टॉल गांव में छापेमारी की। इस दौरान परशुराम सिंह और संजय सिंह को हिरासत में लिया गया। जब उससे पूछताछ शुरू की गई तो उसकी निशानदेही पर गांव की खाड़ी से बोरे में बंद डेटोनेटर समेत अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। हालांकि विस्फोटकों की जांच की जा रही थी लिहाजा संवाद प्रेषण तक उसकी मात्रा की पूरी विवरणी नहीं मिल सकी थी।

नक्सली के पास से डेटोनेटर, हैंडग्रेनेड, अर्धनिर्मित हैंडग्रेनेड समेत अन्य विस्फोटक मिलने की है सूचना

एसपी ने कहा- छापेमारी है जारी
बताया जाता है कि गिरफ्तार नक्सली गौतम सिंह प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के शीर्ष लीडर रहे कुख्यात नक्सली अरविंद सिंह उर्फ देव सिंह का सहयोगी रह चुका है। इस संबंध में एसपी दीपक रंजन ने दो लोगों के पकड़े जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि एसटीएफ और जहानाबाद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुये दो लोगों को धर दबोचा है। निशानदेही पर छापेमारी जारी है।

पहले भी केन बम व विस्फोटक हो चुका है बरामद

जिले में फिर से किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में लगातार जुटे नक्सलियों को लगातार निराशा हाथ लग रही है। विस्टॉल से भारी मात्रा में विस्फोटक की बरामदगी के पहले पिछले एक महीने के अंतराल में काको व धामापुर इलाके से केन बम और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हो चुके हैं। मार्च महीने में ही पुलिस ने अपराधियों की एक बड़ी कोशिश को नाकाम करते हुए जहानाबाद-घोसी सड़क मार्ग पर घुरण बिगहा गांव के समीप एक पुलिया के नीचे से एक केन बम बरामद की थी। दरअसल, पुलिस को यह गुप्त सूचना मिली थी कि घुरण बिगहा गांव के समीप एक पुलिया के नीचे एक केन में कुछ संदिग्ध चीजें रखी हैं। सूचना के आलोक में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जब छानबीन शुरू की तो पुल के नीचे डेढ़ लीटर के केन में कुछ संदिग्ध चीजें नजर आयी। इसके बाद बम निरोधक दस्ता को बुलाकर उसे डिफ्यूज किया गया। इसके पहले 10 फरवरी को घोसी थाना क्षेत्र के धामापुर गांव के समीप से पुलिस ने सीमेंट के एक बोरे में दो कमर्शियल इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, माचिस, 250 ग्राम कांच का टुकड़ा, इलेक्ट्रीक टेप, 200 ग्राम लोहे की कांटी, 500 ग्राम सल्फर, 500 ग्राम यूरिया, स्टील बरामद किया था।

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