सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगा, नल-जल योजना मेंटेनेंस का जिम्मा वार्ड सदस्यों को, काम के लिए 2 हजार का मिलेगा मानदेय

मंगलवार को बिहार कैबिनेट ने कुल 6 एजेंडों पर अपनी सहमति बनाई। इसके तहत बिहार में सिंगल यूजेज प्लास्टिक पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दिया गया है। इसके आयात, निर्यात, भंडारण, उत्पादन और ट्रांसपोर्टेशन पर रोक लगा दी गई है। हर घर नल-जल योजना के तहत पेयजल की नियमित आपूर्ति और मेंटेनेंस (अनुरक्षण) का काम वार्ड सदस्यों को दे दिया गया है। वार्ड सदस्यों को इसके लिए 2 हजार का अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में इससे जुड़े फैसले पर आज मुहर लग गई।

वार्ड सदस्यों को प्रतिमाह 500 भत्ते के अलावा 2 हजार का मिलेगा मेंटेनेंस भत्ता

नल-जल योजना में वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति का जिम्मा और उपभोक्ताओं को लगने वाले फीस और जुर्माना को लेकर भी पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। सात निश्चय के अंतर्गत नल-जल योजना की निगरानी और मेंटेनेंस के लिए सरकार 2000 प्रतिमाह का मानदेय देगी। ये मानदेय वार्ड सदस्यों को दिया जाएगा, क्योंकि सरकार की तरफ से इस काम का जिम्मा वार्ड सदस्यों को दिया गया है।

आज हुई कैबिनेट की बैठक में नल-जल योजना के अनुश्रवण नीति पर मुहर लगा दी गई। इस नीति के मुताबिक

  • नल-जल योजना के मेंटेनेंस का जिम्मा वार्ड सदस्य संभालंगे।
  • अगर वार्ड सदस्य इस काम को नहीं देखते तो वार्ड प्रबंधन समिति के दूसरे सदस्य मेंटेनेंस का काम देखेंगे। उन्हें इसके लिए ₹2000 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।

जल की बर्बादी करने पर देना पड़ सकता है 5 हजार जुर्माना

अनुश्रवण नीति के अनुसार वार्ड के हर घर से प्रतिमाह ₹30 मेंटेनेंस चार्ज लिया जाएगा। इसे अनुश्रवण करने वाले वार्ड सदस्य वसूल करेंगे। उपभोक्ताओं से लिये गए मेंटेनेंस चार्ज से जलापूर्ति योजना का रखरखाव किया जाएगा। इसके साथ 2 हजार की राशि सरकार की तरफ से भी रखरखाव के लिए दी जाएगी।

  • पानी की आपूर्ति के लिए भी इसमें समय का निर्धारण किया गया है। इसके अनुसार अक्टूबर से मार्च तक 6:00 बजे सुबह से 9:00 बजे तक जलापूर्ति होगी।
  • अन्य माह में 5:00 से 8:00 तक सुबह और शाम में 4:00 बजे से 7:00 बजे तक होगी जलापूर्ति होगी।
  • उपभोक्ता अगर मासिक शुल्क नहीं देते तो 15 दिन की नोटिस पर उनका कनेक्ट काट दिया जाएगा। फिर से जल का कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता को ₹300 देने होंगे।
  • उपभोक्ता द्वारा जलापूर्ति का दुरुपयोग करने पर पहली बार में 150 रू, दूसरी बार में 400 रू, और तीसरी बार में 5000 तक का जुर्माना लगेगा।
  • उपभोक्ता द्वारा मोटर पंप का उपयोग किए जाने पर वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति दे सकती है नोटिस। नोटिस देने के बाबजूद मोटर पंप नही हटाने पर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से 5000 का लगेगा जुर्माना।

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