जहानाबाद: चार मई से लगातार बढ़ी कीमत से 100 रुपए लीटर हुआ पेट्रोल, डीजल भी शतक के करीब

पिछले लगभग दो वर्षों में कोरोना के आपदाकाल में पेट्रो पदार्थों की आसमान छूती कीमतों ने लोगों की पीड़ा को असह्य बना दिया है। आम लोगों से लेकर पेट्रोल व्यवसायियों ने पेट्रो पदार्थों की मूल्य वृद्धि पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सरकार के प्रति गहरी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। हर कोई सरकार के पेट्रो मूल्य नीति को लेकर परेशान है। लोग इसे सरकार की वादाखिलाफी व घोर संवेदनहीनता बता रहे हैं। आम लोगों की प्रतिक्रिया सरकार के रवैये के प्रति घोर नाराजगी का इंगित कर रहा है।
गत दो वर्षों में डेढ़ गुना हुई मूल्य वृद्धि, खपत हो गई आधी
डीजल पेट्रोल के मूल्य का गत दो वर्ष पूर्व व आज के मूल्य का तुलनात्मक अध्ययन करें तो मूल्य में लगभग डेढ़ गुणी वृद्धि हुई है। परिणामस्वरूप खपत आधी हो गई है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार तथा सचिव राकेश कुमार कन्हाई कुमार ने बताया कि पेट्रोल डीजल की लगातार हो रही मूल्य वृद्धि से बिक्री पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। पूंजी ज्यादा लग रही है एवं बिक्री नहीं होने पर मुनाफा कम मिल रहा है।

पेट्रोल पर 26 तो डीजल पर 19 प्रतिशत वैट से पड़ रहा है असर, राज्य का टैक्स भी अलग से

लॉकडाउन में वाहनों का परिचालन नहीं होने से बिक्री हुई आधी
लॉकडाउन में गाड़ियों के परिचालन बंद होने से उनकी बिक्री आधी हो गई है। लॉक डाउन में सवारी घर से नहीं निकलने से सवारी बस भी बंद रहे ।वहीं गुड्स वाहन का भी परिचालन बंद है। नतीजा डीजल पेट्रोल की बिक्री भी काफी कम हो गई है। जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि कोरोना माहमारी के दौरान जिले के गिने चुने पेट्रोल पंप पर पेट्रोल एक हजार लीटर एवं डीजल दो हजार लीटर बिक्री हो रही है।

कोरोना काल में लगातार कीमतें बढ़ीं आम आदमी का गुस्सा भी उफान पर
कोरोना का में पेट्रो पदार्थों की कीमत बढ़ने से लगभग हर वस्तु की महंगाई आसमान छू रही है। लगातार कीमत बढ़ने से आम आदमी बेहाल हो रहा है लेकिन सरकार इस अहम मसले की अनदेखी कर रही है। आम आदमी सरकार के इस रवैये से बेहद गुस्से में हैं। जिले में पहली जनवरी 2019 को पेट्रोल 72. 99 पैसे तथा डीजल66.10 पैसे प्रति लीटर था। एक जनवरी 20 को बढ़कर 80.06 पैसे पेट्रोल तथा डीजल 72. 92 पैसे प्रति लीटर हो गया। वही 1 जनवरी 21 को पेट्रोल 86. 69 पैसे तथा डीजल 79. 39 पैसे प्रति लीटर हो गया। जबकि 21 जून 21 को पेट्रोल की कीमत बढ़कर 99. 76 पैसे यानि 100 पर पहुंच गया है। जबकि डीजल 93. 75 पैसे बिक्री हो रही है।

^तेल के खेल में आम जनता पीस रही है ।मूल्य वृद्धि का असर सभी व्यवसाय पर पड़ा है। खाद्य सामग्री से लेकर निर्माण सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं ।जिससे बिक्री मंदी हो गई है। ट्रकों का भाड़ा भी नहीं निकल रहा। गाड़ी के टंकी फुल कर आने में मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है।
अंजनी कुमार ,निर्माण सामग्री विक्रेता, जहानाबाद।

^कोरोना के संकटकाल में देश को उबारने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों को मजबूरी में न चाहते हुए भी टैक्स का जुगाड़ करना पड़ रहा है। महामारी की वजह से देश असाधारण संकट से जूझ रहा है। ऐसे में देश को संकट से उबारने के लिए सरकार को कुछ कड़े व कठिन फैसले की मजबूरी बनी है।
सुरेश कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष, भाजपा।

यह भी बताया कि डीजल पेट्रोल का वास्तविक मूल्य आधा है। जबकि एक्साइज ड्यूटी ,बैट आदि अन्य टैक्स लगकर बिक्री मूल्य दोगुना हो जाता है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पर 26% एवं डीजल पर 19% सिर्फ वैट लगता है। अगर सरकार इसको कम करें तो डीजल पेट्रोल के मूल्य में कमी आ सकती है। अभिषेक कुमार, पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष

^पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ने से सभी वस्तुओं के दाम प्रभावित होते हैं। नतीजतन बढ़ती महंगाई सभी लोग त्रस्त हैं। 2013 में कांग्रेस की सरकार मे 110 डॉलर प्रति बैरल अंतरराष्ट्रीय कीमत था,पेट्रल की कीमत 70 रुपया था,आज लगातार घटते हुए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में 74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हरिनारायण द्विवेदी, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *