बिहार के हर शहर में होगा श्मशान घाट

कोरोना की दूसरी लहर में हुई मौतों ने बिहार में ऑक्सीजन की ही नहीं, श्मशान घाटों की कमी पैदा कर दी थी। अब सूबे के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने इसे लेकर नया दावा किया है। मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के सभी शहरों में श्मशान घाट की व्यवस्था की जाएगी। विभाग की तरफ से ये व्यवस्था 15वें वित्त आयोग से पंचायतों को दी गई राशि से किया जाएगा।

15वें वित्त आयोग की मदद से पंचायती राज विभाग करेगी व्यवस्था

मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन शहरों में दाह संस्कार के लिए श्मशान घाट पर भूमि नहीं है, वहां 15वें वित्त आयोग की राशि से जमीन खरीद कर श्मशान घाट की व्यवस्था की जाएगी। सम्राट चौधरी ने भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ के ‘आत्मनिर्भर पंचायत–भाजपा का संकल्प’ विषय पर आयोजित वर्चुअल संवाद में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरे, पंचायत भवन, RTPS काउंटर, हर पंचायत में बनेंगे। पंचायत प्रतिनिधियों के लिए हर प्रखंड पर प्रशासनिक भवन का निर्माण कराने के साथ ही चुनाव के बाद सभी प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण भी कराया जाएगा।

कोरोना काल में गंगा में तैरती मिली थी लाशें

बिहार में श्मशान घाटों और लकड़ियों की कमी की त्रासदी कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देखी गई थी। लगातार हो रही मौतों के दौरान लोगों को अपने प्रियजनों के शव का दाह-संस्कार कराने के लिए श्मशान घाट पर घंटो इंतजार करना पड़ रहा था। इस दौरान शवों को जलाने के लिए घाटों पर मनमाने तरीके से पैसे लिये जाने का भी मामला सामने आया था।

कोरोना संक्रमण के पीक पर रहने के दौरान विचलित करनेवाली तस्वीरें बक्सर के चौसा घाट से आईं थीं जहां 1 दर्जन शव घाट पर आकर लग गए थे। इस घटना के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने शवों के दाह-संस्कार के लिए घाटों की कमी और लकड़ियों की कमी का मामला उठाया था। लोगों को कहना था कि पैसों की कमी के कारण गरीब परिवार अपने प्रियजनों के शवों को गंगा में प्रवाहित करने को मजबूर हैं।

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